दुनिया . Souk Weekly
गल्फ-इंडिया सोर्सिंग अब रिटेल कैलेंडर पर चलती है
संबंध अब केवल कीमत और उपलब्धता नहीं, बल्कि प्रचार, डिलीवरी और इन्फ्लुएंसर चक्रों से बनता है।
लेखक Sara Qureshi1 मिनट
अद्यतन

गल्फ-इंडिया सोर्सिंग पहले कीमत और उपलब्धता से समझी जाती थी। अब रिटेल कैलेंडर इसे कसकर आकार देता है: प्रमोशन, डिलीवरी वादे, स्कूल सीज़न, वेडिंग पीरियड और मार्केटप्लेस अभियान।
कैलेंडर दबाव खरीद बदलता है
दो हफ्ते देर से आया उत्पाद उस अभियान को मिस कर सकता है जिसके लिए खरीदा गया था। बहुत जल्दी आया स्टॉक नकद और वेयरहाउस रोकता है।
अच्छी सोर्सिंग में साझा कैलेंडर, कट-ऑफ तारीखें, पैकेजिंग तैयारी, प्रमोशन पूर्वानुमान और देरी की योजना शामिल है। समय अब उत्पाद फीचर है।
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