राजनीति . Souk Weekly
तीसरे चचेरे भाई की चुप ताक़त
क्यों हर ख़लीजी कैबिनेट में एक आदमी पीछे की कुर्सी पर बैठा होता है, जिसका विज़िटिंग कार्ड उसके फ़ोन कॉल्स की अहमियत से मेल नहीं खाता.
अद्यतन

वह दस मिनट देर से आता है. पीछे बैठता है. कुछ नहीं बोलता. वह वही आदमी है जिसके लिए असल में पूरी मीटिंग हो रही है.
ख़लीज की हर कैबिनेट में तीसरा चचेरा भाई होता है. उसका पदनाम "सलाहकार" या "ऑफ़िस मैनेजर" हो सकता है, कभी-कभी कोई पदनाम नहीं भी. उसकी ख़ास बात यह है कि उसके फ़ोन पर ऐसे नंबरों से कॉल आती हैं जो किसी और के फ़ोन पर नहीं आतीं.
यह भ्रष्टाचार नहीं है — यह सामाजिक इंजीनियरिंग है. ख़लीज की ज़्यादातर सरकारों में गंभीर फ़ैसले औपचारिक कमरों में नहीं, बल्कि उनके बाद के मजलिसों में होते हैं, जहाँ सामाजिक क्रम ही कार्यकारी क्रम बन जाता है.
जो यह समझते हैं वे समय बचाते हैं. जो मंत्री से मंत्रालय के प्रोटोकॉल के ज़रिए बात करने की कोशिश करते हैं वे समय गँवाते हैं. तीसरा चचेरा भाई ईमेल का जवाब नहीं देता. यह अपने आप में एक संदेश है.
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